परिमार्जन आवेदन रिवर्ट होने पर विवाद, धरहरा सीओ पर अभद्रता और धमकी का आरोप
कुमारपुर निवासी ने डीएम-एसपी को भेजा शिकायत पत्र, जांच की मांग; प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी स्थिति
मुंगेर धरहरा : भूमि से जुड़े परिमार्जन आवेदन के रिवर्ट होने के बाद धरहरा अंचल कार्यालय में विवाद का मामला सामने आया है। लड़ैयाटांड़ थाना क्षेत्र के कुमारपुर गांव निवासी अमित राय ने धरहरा अंचल अधिकारी पर फोन पर जानकारी मांगने के दौरान अभद्र भाषा के प्रयोग और धमकी देने का आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और उप विकास आयुक्त को ईमेल के माध्यम से शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
मामले से जुड़ा एक कथित ऑडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, हालांकि इस ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता अमित राय के अनुसार उन्होंने अपनी जमीन की ऑफलाइन रसीद को ऑनलाइन कराने के लिए 20 जून को परिमार्जन के लिए ऑनलाइन आवेदन दिया था। आवेदन के बाद वे लगातार इसकी स्थिति का इंतजार कर रहे थे।
19 अगस्त को जब उन्होंने पोर्टल पर आवेदन की स्थिति देखी तो पता चला कि उनका आवेदन रिवर्ट कर दिया गया है। रिवर्ट करने का कारण आवेदन में गलत रकबा दर्ज होना बताया गया था।
फोन पर हुई बातचीत पर आरोप
अमित राय का आरोप है कि रिवर्ट का कारण जानने के लिए उन्होंने 20 अगस्त को मोबाइल फोन से अंचल अधिकारी, धरहरा से संपर्क किया। बातचीत के दौरान आवेदन रिवर्ट करने का कारण पूछा गया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बातचीत के क्रम में पैसे की मांग से जुड़ी बात कही गई, जिसका विरोध करने पर कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और धमकी दी गई।
शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि उनके पास पूरी बातचीत की मोबाइल रिकॉर्डिंग मौजूद है, जिसे वे जांच के दौरान प्रशासन को उपलब्ध करा सकते हैं।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
इस मामले को लेकर अमित राय ने जिला प्रशासन के वरीय अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी है। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
वहीं, इस मामले में अभी तक अंचल कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रशासनिक स्तर पर जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो पाएगी।
परिमार्जन क्या है?
बता दें कि बिहार में जमीन की जमाबंदी, रकबा, खाता-खेसरा या नाम में त्रुटि होने पर उसे सुधारने के लिए परिमार्जन आवेदन किया जाता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है, लेकिन दस्तावेजों में त्रुटि पाए जाने पर आवेदन को सुधार के लिए रिवर्ट कर दिया जाता है। कई बार तकनीकी कारणों से भी आवेदन रिवर्ट होते हैं।
फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है।

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